नवरात्री 2018: दुर्गा जी के इस मंत्र से पाएं Happy Navratri messages and wishes in Hindi

नवरात्रि 2018: जगत जननी मां जगदम्बे क मीनकारीकारी हैं। जो सच्चे दिल से माता के अंदर में शीश नवाता है, जो उनको हृदय में वास करता है जो सदाचार के मार्ग पर चल रहा है, देवी भगवती उनके कार्य को सिद्ध हैं। देवी भगवती के यूं तो कईनेक मंत्र हैं। श्री दुर्गा सप्तशती के समस्त मंत्रों में अमोघ शक्तियां हैं। दुर्गा सप्तशती स्वर विज्ञान और स्वास्थ्य शास्त्र है। देवी तो एक हैं। समस्त देवताओं ने उनको अपने स्वयं के शक्तियों और शस्त्र प्रदान किए हैं। देवासुर संग्राम में जब असुर बोले, आप तो कईनेक रूपों में हमारे युद्ध कर रहे हो। तुम अकेली कहां हो? तब देवी ने कहा, ये सब मेरे ही रूप हैं। मुझसे अलग नहीं है। जिनको आप अलग-अलग हो रहे हैं, मैं अकेला हूं। इतना कहकर भगवती ने अपने समस्त रूपों को एककार कर लिया। वह दुर्गा नाम से खक्त हुईं।

नवरात्री 2018: दुर्गा जी के इस मंत्र से पाएं


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यहां पर देवी जी के समस्त मंत्रों में ऊं एं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विचचे: मंत्र परम कणणकारी है। यदि आप जीवन में कष्ट हैं, अवसाद है, काम नहीं चल रहा है, बीमारियां आप घेरे हुए हैं, विवाह नहीं हो रहा है, संतान नहीं हो रही है, या संतान सुन नहीं रही है आप भी पराव-मां मां केनी लालवती की शरण में जाइये और निम्नलिखित मंत्र को पढ़िए। भगवती की कृपा से आपका समस्त कार्य सिद्ध। देवी भगवती कहती हैं कि शारदीय नवरात्रि मेरी वार्षिक पूजा होती है। इसलिए इस मंत्र का शारदीय नवरात्रि में जाप करने का विशेष महत्व है। यह मंत्र है ….
      
   ऊं दुर्भाग्यनाशिनी, सौभाग्यप्रदायनी, रोगारीनी दुं दुर्गाय नम:

कैसे करें

इसके लिए आवश्यक नहीं है कि आप एक दो माला करें। शांत भाव से पूर्ण श्रद्धा के साथ इस मंत्र को 11 बार पढ़िए। मंत्र जाप प्रारम्भ करने से पहले भगवती का ध्यान दें। संकल्प करें कि देवी मां …… मेरे …… अमुक …. अमुक कार्य सिद्ध करो। हाथ में एक सुपारी ले मां भगवती के समक्ष संकल्प करें और वह सुपारी किसी लाल कपड़े में बांधकर माता के उपाय में रखें। भगवती ने चाहा तो आपके कार्य सिद्ध हो जायेगा। कार्य सिद्ध होने पर यह सुपारी किसी दुर्गा मंदिर में चढा दें। और हां, जाप देशी घी के पांच दीपक से करें तो अधिक अच्छा होगा। अन्यथा आप एक दीपक से भी कर सकते हैं। नवरात्रि तक पांच दीपक जलाएं। उसके बाद एकल दीपक से भी जाप कर सकते हैं। यह मंत्र समस्त कष्ट, व्याधियों का समाधान है। कुंजी है|

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