Chandrayaan2- चंद्रयान-2 लैंडिंग से पहले आखिरी के 15 मिनट सबसे खतरनाक, ISRO चीफ ने बताई क्या है वजह

भारत के लिए ऐतिहासिक दिन है। आज चंद्रयान-2 चंद्रमा पर लैंड करने जा रहा है। इसरो का मिशन चंद्रयान 2 कुछ दी घंटों में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने जा रहा है, लेकिन लैंडिंग से ठीक पहले के 15 मिनट इस मिशन के लिए बेहद खतरनाक हैं। चंद्रयान 2 इस वक्त अपने मिशन के सबसे जटिल दौर से गुजर रहा है। 7 सितंबर को रात के 1:30 बजे से 2:30 बजे के बीच चंद्रयान-2 विक्रम लैंडर चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने जा रहा है। लैंडिंग से पहले के 15 मिनट बेहद खास होते हैं।

Chandrayaan2- चंद्रयान-2 लैंडिंग से पहले आखिरी के 15 मिनट सबसे खतरनाक, ISRO चीफ ने बताई क्या है वजह

आखिरी 15 मिनट बेहद मुश्किल

चंद्रयान-2 की सबसे बड़ी चुनौती अब शुरू हो चुकी है। इसरो के वैज्ञानिकों के लिए आखिरी के 15 मिनट चुनौतीपू र्ण होंगे। लैंडिंग के आखिरी 15 मिनट में चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर और उसमें रखे गए प्रज्ञान रोवर को बिना किसी नुकसान के चांद की सतह पर उतारना है। इस आखिरी मिनट की मुश्किलों को लेकर ISRO के चेयरमैन डॉ. के सिवन ने बताया कि किसी भी मिशन के लिए ये वक्त बेहद खास होता है। आखिरी के 15 मिनट चुनौतीपूर्ण होते हैं। चंद्रयान-2 की लैंडिंग के आखिरी 15 मिनट के दौरान चांद की सतह से 30 किलोमीटर ऊपर से लैंडिंग की शुरुआत होगी। इसमें कुल 15 मिनट लगेंगे। उन्होंने बताया कि इसरो ने चांद की सतह पर उतरने से जुड़ा ये अभियान पहले कभी अंजाम नहीं दिया। ऐसे में ये 15 मिनट उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होंगे।

Chandrayaan2- चंद्रयान-2 लैंडिंग से पहले आखिरी के 15 मिनट सबसे खतरनाक, ISRO चीफ ने बताई क्या है वजह

इसरो चीफ ने बताई वजह

उन्होंने कहा कि अगर आप यान से कुछ छोड़ते हैं तो वो किसी फुटबॉल की तरह नीचे गिरता है। ये इसरो के लिए बेहद जटिल प्रक्रिया है क्योंकि ये हमारे लिए पूरी तरह नयी है। हालांकि जो पहले भी इसे अंजाम दे चुके हैं उनके लिए भी यह आसान नहीं होता। जो लोग इसे पहले अंजाम दे चुके हैं उनके लिए भी ये एक बहुत कठिन प्रक्रिया है। डॉ सिवन ने कहा कि चूंकि हम यह ये पहली बार कर रहे हैं इसलिए हमारे लिए ये जोखिम से भरे 15 मिनट हैं। उन्होंने कहा कि लैंडिंग के दौरान जब यान नीचे आ रहा होता है तो उसे संभालना सबसे कठिन होता है।

चंद्रयान 2

चंद्रयान 2 के चार कोनों पर चार इंजन

चंद्रयान 2 के चार कोनों पर चार इंजन हैं जो उसे थाम कर रखते हैं। इसरो चीफ ने कहा कि लैंडिंग के दौरान जब चंद्रयान 2 के चारों इंजन इंजन चल रहे होंगे तो इससे काफ़ी धूल उड़ सकती है और भ्रम पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान में हमेशा कई जोखिम होते हैं । चाहे आप पहले ही क्यों न कर चुके हैं। हम हर स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है। हमने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है। बाकी हर न तीजे के लिए हम तैयार हैं।